Chaitra Navratri 2022 Date |[PDF] Durga Saptshloki Path सर्वकामना सिद्धि हेतु

Chaitra Navratri 2022 Date | Durga Saptshloki Path सर्वकामना सिद्धि हेतु

Chaitra Navratri 2022 Date

चैत्र नवरात्रि 2022

(Navratri 2022 Date) चैत्र नवरात्रि 2021 का पहला दिन 2 अप्रैल 2022 और नवमी 10 अप्रैल 2022 को है। इस चैत्र नवरात्रि से हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत 2079 की शुरूवात हो रही है |

What are the Nine Avatars of Goddess Durga?

माँ दुर्गा के नौ अभिव्यक्तियाँ

मार्कंडेय पुरा के अनुसार, माँ दुर्गा के नौ अभिव्यक्तियाँ हैं| माँ दुर्गा के सभी नौ अभिव्यक्तियों को माता के नवरात्रि दिवस (Sharad Navratri 2021) के अनुसार नवदुर्गा स्तोत्र (Nav Durga Stotra) में पंक्ति बद्ध किया गया है|

Nav Durga Stotra

नवदुर्गा स्तोत्रम

प्रथमम् शैलपुत्री च |
द्वितीया ब्रह्मचारिणी |
तृतीया चन्द्रघंटेति |
कूष्माण्डेति चतुर्थकम |
पंचम स्कंद मातेति |
षष्ठं कात्यायनीति च |
सप्तम महाकालरात्रि च |
महागौरीति चाष्टमम् |
नवमं सिद्धिदात्री च |
नवदुर्गा प्रकीर्तिताः ||

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Nav Durga Stotra JPG| नवदुर्गा स्तोत्रम

Navdurga Stotra
Navdurga Stotra JPG

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Why do we celebrate Navratri Festival?

नवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

(Chaitra Navratri 2022) नवरात्रि का नौ दिवसीय त्योहार का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है | नवरात्रि जगत जननी दुर्गा की नौ अभिव्यक्तियों को समर्पित है। नवरात्रि मनाये जाने के पीछे मुख्यतः दो मान्यता है |

पहली मान्यता यह है कि हिषासुर नामक एक राक्षस था जिसके तप से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने उसे वरदान दिया की कोई देवता, राक्षस, मनुष्य उसे कोई नहीं मार पाएगा | वरदान पाकर वह तीनो लोकों में त्राहि माचने लगा। महिषासुर के आतंक से परेशान होकर सभी देवताओ ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश से प्रार्थना की और फिर त्रिदेवो की शक्ति से माँ दुर्गा का जन्म हुआ| सभी देवताओ ने माता से महिषासुर का वध करने के लिए प्रार्थना की| माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक बहुत घमासान युद्ध हुआ | इन्ही नौ दिनों को नवरात्रि (Navratri 2022) के रूप मे मनाया जाता है | और दसवें दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को विजय दशमी (Vijay Dashmi 2022) बुराई की हार और अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

दूसरी मान्यता यह है, भगवान राम ने रावण को हराने के लिए नौ दिनों तक माता की पूजा की| इन्ही नौ दिनों को नवरात्रि (Chaitra Navratri 2022) के रूप मे मनाया जाता है | भगवान राम की पूजा से प्रसन्न होकर माता ने उन्हें विजयी होने का आशीर्वाद दिया| फलस्वरूप दशवे दिन श्री राम ने रावण का वध किया | पुरे भारत मे इस दिन को विजय दशमी (Vijay Dashmi 2022) के रूप मे मनाया जाता है |

Durga Saptshloki Path
Navratri 2020

Durga Saptshloki Path

सर्वकामना सिद्धि हेतु करे दुर्गा सप्तश्लोकी पाठ

सर्वकामना सिद्धि हेतु नवरात्री के पावन दिनों में स्वयं माता के द्वारा बताया हुआ दुर्गा सप्तश्लोकी का पाठ करे |

दुर्गा सप्तश्लोकी मे वर्णित है की एक बार स्वयं महादेव ने माँ दुर्गा से पूछा की यदि कोई ऐसा उपाय हो जिसको करने से कलियुग मे भक्तो को अत्यंत लाभ हो और वो अपनी सभी मनोकामनाओ को पूरा कर सके| तब देवी माँ ने दुर्गा सप्तश्लोकी पाठ के बारे मे बताया की कलियुग मे सर्वकामनाओ को पूरा करने वाला पाठ है दुर्गा सप्तश्लोकी पाठ | (Chaitra Navratri 2022 Date)

दुर्गा सप्तश्लोकी पाठ मे 700 श्लोक है किन्तु इसके 7 श्लोक ऐसे है जिनका पाठ करने से संपूर्ण दुर्गा सप्तश्लोकी पाठ का लाभ मिलता है | ये मंत्र संस्कृत मे है किन्तु यदि आप संस्कृत का सही उच्चारण नहीं कर सकते है तो हिंदी मे ही इस पाठ को करे | भावना शुद्ध रखे लाभ अवश्य होगा |
जैसा की वर्णित है की यह पाठ सर्वकामनाओ की सिद्धि के लिए है|

Benefits to Recite Durga Saptshloki Paath

दुर्गासप्तश्लोकी (Durga Saptshloki Path Ke Labh) के पाठ के अनगिनत लाभ है, कुछ प्रमुख लाभ जो भक्तो को मिलता है | (Chaitra Navratri 2022)

  • इसका पाठ परिवार मे प्रेम और सम्बन्धों मे मिठास लाती है |
  • पाठ की ध्वनि से घर का वातावरण शुद्ध होता है और कोई भी नकारात्मक शक्ति वहां रुक नहीं सकती |
  • माँ जीवन मे आने वाली सभी बाधाओं को हरती है और सांसारिक सफलता और सौभाग्य प्रदान करती है | |
  • रोजगार के अवसर मिलते है |दरिद्रता का निवारण करती है
  • लगातार पाठ करने से साधक के मन की कामनायें केवल इच्छा मात्र से ही वास्तविक मे जीवन मे घटने लगती है | (Durga Saptshloki Path Ke Labh

Durga Saptshloki Path with Meaning in Hindi

|| अथ श्री सप्तश्लोकी दुर्गा ||

शिव उवाच
देवी त्वम भक्तसुलभे सर्वकार्य विधायनी |
कलौ हि कार्यसिद्धयर्थ मुपायं ब्रूहि यतनत: ||

अर्थात: शिव जी बोले – हे देवी! तुम भक्तो के लिए सुलभ हो और आप समस्त कर्मो का विधान करती हो, कलियुग में सभी कामनाओ की सिद्धि हेतु यदि कोई उपाय हो तो उसे अपनी वाणी द्वारा कहिए |   (Chaitra Navratri 2022)

देव्यु उवाच
श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम्‌ |
मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते ||

अर्थात: देवी बोलीं- हे देव, आपका मेरे ऊपर बहुत स्नेह है. कलियुग में समस्त कामनाओ की सिद्धि हेतु जो उपाय है वह बतलाती हूं | सुनिए वह साधन “अम्बा स्तुति” है |

विनियोगः

ॐ अस्य श्रीदुर्गा सप्तश्लोकी स्तोत्र मन्त्रस्य नारायण ॠषिः अनुष्टुप छन्दः श्रीमहाकाली महालक्ष्मी महासरस्वत्यो देवताः श्री जगदम्बा प्रीत्यर्थं सप्तश्लोकी दुर्गापाठे विनियोगः ।

अर्थात: दुर्गा सप्तश्लोकी मंत्र के श्रीनारायण ऋषि हैं. अनुष्टुप छंद हैं. श्रीमहाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती इसके देवता हैं. श्री दुर्गा की प्रसन्नता के लिए सप्तश्लोकी दुर्गा पाठ (Durga Saptshloki Path) का विनियोग किया गया है |

ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हिसा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ॥1 ॥

अर्थात: वे महामाया देवी, ज्ञानिओ के भी चित्त को भी खींचकर बलपूर्वक मोह, माया में डाल देती हैं| 

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि ।
दारिद्रयदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द चित्ता ॥2 ॥

अर्थात: आप स्मरण करने वालो का भय हर लेती है, स्वस्थ मनुष्यो द्वारा ध्यान करने पर, परम कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करती हो | दुःख दारिद्रता और भय को हर लेने वाली तथा सबका उपकार करने वाली देवी आपके जैसा कौन दयालु है |(Chaitra Navratri 2022)

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥3॥

अर्थात: आप सब मंगल करने वाली मंगलमयी हो, सबका कल्याण करने वाली शिवा हो | शरणागत वत्सला, तीन नेत्रों वाली गौरी हो | नारायणी तुम्हे नमस्कार है |

शरणागतदीनार्तपरित्राणय परायणे । सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥4 ॥

अर्थात: शरण मे आए हुए दीनो और दुःखियो रक्षा करने वाली हो | नारायणी देवी, आप सबकी पीड़ा हरने वाली हो | आपको नमस्कार है | (Durga Saptshloki Path)

सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते । भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवी नमोऽस्तु ते ॥5॥

अर्थात: अर्थात: सर्वस्वरूपा, सर्वेश्वरी, सर्व शक्तियो से संपन्न दुर्गा देवी, सभी प्रकार के भय से आप हमारी रक्षा करो माता | आपको नमस्कार है |

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान् । त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ॥6 ॥

अर्थात: माता आप प्रसन्न होती है तो कोई रोग शेष नहीं रहता और जब आप रुष्ट होती है तो सब कुछ नष्ट कर देती है| जो मनुष्य आप की शरण मे होते है वो दुसरो को शरण देते है | 

सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि । एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरि विनाशनम् ॥7॥

अर्थात: जो मनुष्य आप की शरण मे आ जाते है, उनकी सभी बाधाओं को आप शांत कर देती है | इसी प्रकार आप तीनों लोकों की सब बाधाओ को शांत कर दीजिये| हे देवी हमारे शत्रुओ का नाश कीजिये | (Chaitra Navratri 2022)

॥इति श्रीसप्तश्लोकी दुर्गा संपूर्णम्‌॥
ॐ नमः चण्डिकायै | ॐ श्री दुर्गार्पणंमस्तु | 

Durga Saptshloki Path JPG

Durga Saptshloki Paath
Durga Saptshloki Paath JPG

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